@roohakshri
कुछ एहसास ऐसे होते हैं, जिन्हें लफ़्ज़ों में ढालना आसान नहीं होता... मैं उन्हीं अनकहे एहसासों को अपनी क़लम से एक नई पहचान देती हूँ। कभी मोहब्बत, कभी दर्द, कभी ख़ामोशी तो कभी ज़िंदगी की अनकही दास्तान... हर लफ़्ज़ में एक एहसास, हर रचना में एक कहानी। — रूह-अक्षरी ✍️
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